जब चरित्र ने महानता को परिभाषित किया | स्वामी विवेकानंद जी की सीख
स्वामी विवेकानंद जी को उनकी जयंती पर उन्हें दिल से नमन। 🙏 वो सिर्फ़ एक संत नहीं थे, वो एक सोच थे… एक ऊर्जा थे। उन्होंने पूरी दुनिया में भारत की पहचान बनाई, लेकिन कभी अपने संस्कारों से समझौता नहीं किया। विदेश में जब एक महिला ने उनके सामने विवाह और संतान का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने बहुत सहजता से कहा— “मुझे पति नहीं, अपना बेटा मान लीजिए।” यही जवाब बताता है कि महानता भाषणों में नहीं, चरित्र, आत्मसंयम और मूल्यों में होती है। भारत आप पर गर्व करता है, और आने वाली पीढ़ियाँ आपसे सीखती रहेंगी। #SwamiVivekananda #VivekanandaJayanti #NationalYouthDay #YouthIconOfIndia #drvivekbindra
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