एक साल बाद भी ताज़ा है वो दर्द… पहलगाम की वो काली सुबह
कुछ ज़ख्म वक्त के साथ भरते नहीं… बस खामोशी में याद बनकर रह जाते हैं। 22 अप्रैल 2025… वो दिन जब मासूम मुस्कानों को नफरत ने छीन लिया, जब वादियों की शांति चीखों में बदल गई… आज एक साल बाद, हम सिर्फ उन्हें याद नहीं कर रहे, बल्कि उनकी अधूरी कहानियों, उनके सपनों और उनकी मासूमियत को दिल से महसूस कर रहे हैं। आप चले गए… लेकिन आपकी याद, आपका दर्द, और आपकी मासूमियत हमेशा ज़िंदा रहेगी। उन सभी निर्दोष आत्माओं को नमन, जिनका बलिदान आतंकवाद के खिलाफ़ हमारी एकता और संकल्प की ताकत बना। 🙏 #PahalgamAttack #Pahalgam #TerrorAttack #Tribute #DrVivekBindra
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